एक प्यारी सी मासूम ग़ज़ल
अश्कों से भीगी दीवाने की पाती है
पढ़कर दीवानों की आँखें भर आती है
गीत तुम्हारे नाम लिखे हैं मैंने सारे
मेरी सारी ग़ज़लें तुमसे बतियाती है
मैं तुमको क्या हाल सुनाऊँ अपने जी का
मेरे दिल का दर्द सुनो कोयल गाती है
तुमने गहनों-लत्तों से तोला उल्फ़त को
प्रीत कहाँ कंकर-पत्थर से तुल पाती है
मेरा तुमसे जो रिश्ता है, इस दुनिया को
चाँद-चकोरे की जोड़ी कुछ समझाती है
नील-गगन में बनकर सूरज तुम चमको अब
मेरा जीवन तो बुझती सी इक बाती है
मेरी आँखों में जगमग करता है जो सच
यार तुम्हारी आँखें उसको झुठलाती है
महफ़िल-महफ़िल हँसता-गाता बंजारा था
इस दिल को तनहाई अब कितना भाती है
©महावीर सिंह जोधपुर 9413408422
अश्कों से भीगी दीवाने की पाती है
पढ़कर दीवानों की आँखें भर आती है
गीत तुम्हारे नाम लिखे हैं मैंने सारे
मेरी सारी ग़ज़लें तुमसे बतियाती है
मैं तुमको क्या हाल सुनाऊँ अपने जी का
मेरे दिल का दर्द सुनो कोयल गाती है
तुमने गहनों-लत्तों से तोला उल्फ़त को
प्रीत कहाँ कंकर-पत्थर से तुल पाती है
मेरा तुमसे जो रिश्ता है, इस दुनिया को
चाँद-चकोरे की जोड़ी कुछ समझाती है
नील-गगन में बनकर सूरज तुम चमको अब
मेरा जीवन तो बुझती सी इक बाती है
मेरी आँखों में जगमग करता है जो सच
यार तुम्हारी आँखें उसको झुठलाती है
महफ़िल-महफ़िल हँसता-गाता बंजारा था
इस दिल को तनहाई अब कितना भाती है
©महावीर सिंह जोधपुर 9413408422
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