रूप-चौदस के 14(चौदह) दोहे....
मन-आँगन में माँढ़ना, चटकीले शुभ रंग ।
रंगोली को देखकर, लोग हुए हैं दंग ।।...1
चौक पुराया प्रेम से, प्रेम जलाया दीप ।
चमका मोती प्रेम का, नैन हमारे सीप ।।...2
बालों को रेशम किया, घूँघर ली है डाल ।
वेणी सुन्दर गूँथकर, चाँद सजाया भाल ।।...3
तीखी भौहें यूँ तनी, जैसे काम-कमान ।
रेखा काजल की चली, करने शर-संधान ।।...4
माथे पर टिकला सजा, दमका तुमरा प्यार ।
सीने से साजन लगे, बनकर तुम गलहार ।।...5
रूप सजाया चाव से, आन निहारो पीव ।
साजन तेरी राह में, अटका मेरा जीव ।।...6
उबटन मलकर धूप का, दमकी गौरी देह ।
जगमग मेरे रूप की, साजन तेरा नेह ।।...7
प्रेम चुनरिया ओढ़ ली, कर सोलह सिणगार ।
गहना मेरा प्रेम है, पहनूँ तुझको यार ।।...8
चवदस की इस रात में, जगमग मेरा रूप ।
झीना घूँघट ओढ़कर , छितराई है धूप ।।...9
लाली होठों पर सजी, गालों पर है लाज ।
नथनी तेरे नाम की, चमकी कितनी आज ।।...10
रूप सजाकर मैं खड़ी, देख रही बाज़ार ।
मोल मिले तो मोल लूँ, साजन तेरा प्यार ।।...11
बाज़ारों में धूम है, गलियों में है नूर ।
सज-धज मेरी देखकर, लोग रहे हैं घूर ।।...12
'मैं' को अपने झाड़कर, पोता तेरा नेह ।
झूमर टाँगी प्रीत की, चमका मन का गेह ।।...13
प्रेम बिना जीवन नरक, प्रेम स्वर्ग का धाम ।
प्रेम उजाला भोर का, प्रेम सुहानी शाम ।।...14
©खुरशीद खैराड़ी जोधपुर 9413408422
आप सभी को रूप-चौदस (विश्व-सौंदर्य दिवस) की शुभकामनाएँ। आपके जीवन में रूप और सौंदर्य बना रहे और जीवन मधुर मधुमास हो जाए।
विनीत
महावीर सिंह और सभी स्नेहिल परिजन।
मन-आँगन में माँढ़ना, चटकीले शुभ रंग ।
रंगोली को देखकर, लोग हुए हैं दंग ।।...1
चौक पुराया प्रेम से, प्रेम जलाया दीप ।
चमका मोती प्रेम का, नैन हमारे सीप ।।...2
बालों को रेशम किया, घूँघर ली है डाल ।
वेणी सुन्दर गूँथकर, चाँद सजाया भाल ।।...3
तीखी भौहें यूँ तनी, जैसे काम-कमान ।
रेखा काजल की चली, करने शर-संधान ।।...4
माथे पर टिकला सजा, दमका तुमरा प्यार ।
सीने से साजन लगे, बनकर तुम गलहार ।।...5
रूप सजाया चाव से, आन निहारो पीव ।
साजन तेरी राह में, अटका मेरा जीव ।।...6
उबटन मलकर धूप का, दमकी गौरी देह ।
जगमग मेरे रूप की, साजन तेरा नेह ।।...7
प्रेम चुनरिया ओढ़ ली, कर सोलह सिणगार ।
गहना मेरा प्रेम है, पहनूँ तुझको यार ।।...8
चवदस की इस रात में, जगमग मेरा रूप ।
झीना घूँघट ओढ़कर , छितराई है धूप ।।...9
लाली होठों पर सजी, गालों पर है लाज ।
नथनी तेरे नाम की, चमकी कितनी आज ।।...10
रूप सजाकर मैं खड़ी, देख रही बाज़ार ।
मोल मिले तो मोल लूँ, साजन तेरा प्यार ।।...11
बाज़ारों में धूम है, गलियों में है नूर ।
सज-धज मेरी देखकर, लोग रहे हैं घूर ।।...12
'मैं' को अपने झाड़कर, पोता तेरा नेह ।
झूमर टाँगी प्रीत की, चमका मन का गेह ।।...13
प्रेम बिना जीवन नरक, प्रेम स्वर्ग का धाम ।
प्रेम उजाला भोर का, प्रेम सुहानी शाम ।।...14
©खुरशीद खैराड़ी जोधपुर 9413408422
आप सभी को रूप-चौदस (विश्व-सौंदर्य दिवस) की शुभकामनाएँ। आपके जीवन में रूप और सौंदर्य बना रहे और जीवन मधुर मधुमास हो जाए।
विनीत
महावीर सिंह और सभी स्नेहिल परिजन।
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