मुझ पर तेरा रंग रहेगा
और न कोई संग रहेगा
मेरा सच्चा दीवानापन
देख ज़माना दंग रहेगा
इक दीवाने की आहों से
ध्यान तुम्हारा भंग रहेगा
तेरी उल्फ़त की मय पीकर
मनवा मस्त-मलंग रहेगा
मैं सब कुछ वारूँगा तुम पर
हाथ तुम्हारा तंग रहेगा
अंग लगाले चाहे जिसको
तू मेरा ही अंग रहेगा
ओल्ड य' धरती-अम्बर होंगे
प्यार हमारा यंग रहेगा
तेरी चाहत डोर रहेगी
जीवन एक पतंग रहेगा
तेरी यादों की थापों से
बजता दिल का चंग रहेगा
©खुरशीद खैराड़ी जोधपुर।
और न कोई संग रहेगा
मेरा सच्चा दीवानापन
देख ज़माना दंग रहेगा
इक दीवाने की आहों से
ध्यान तुम्हारा भंग रहेगा
तेरी उल्फ़त की मय पीकर
मनवा मस्त-मलंग रहेगा
मैं सब कुछ वारूँगा तुम पर
हाथ तुम्हारा तंग रहेगा
अंग लगाले चाहे जिसको
तू मेरा ही अंग रहेगा
ओल्ड य' धरती-अम्बर होंगे
प्यार हमारा यंग रहेगा
तेरी चाहत डोर रहेगी
जीवन एक पतंग रहेगा
तेरी यादों की थापों से
बजता दिल का चंग रहेगा
©खुरशीद खैराड़ी जोधपुर।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें