शनिवार, 10 जून 2017

आइना दाग़दार मत रखियो

आइना दाग़दार मत रखियो
दिल में अपने गुबार मत रखियो

जिसको आना न था, न आएगा
उसका और इंतिज़ार मत रखियो

प्यार ही तो है ज़िन्दगी पगले
प्यार को दरकिनार मत रखियो

बेक़रारी में चैन मिलता है
मेरे हिस्से क़रार मत रखियो

फ़िर गले से लगा लिया तुझको
पीठ पर अब कटार मत रखियो

लोग बंदूक थाम लेगें ख़ुद
हाथ में रोज़गार मत रखियो

घूमियो ज़िन्दगी के मेले में
हसरतें बेशुमार मत रखियो

दूरियाँ तो सिकुड़ भी जाती हैं
रब्त में तुम दरार मत रखियो

मिल गए खाक़ में कई 'खुरशीद'
यूँ अना का ख़ुमार मत रखियो
©खुरशीद खैराड़ी

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