मेरी प्रकाशित अप्रकाशित ग़ज़लें
शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2013
लफ्ज़ पोर्टल की तरही १३ में सराही गई एक ग़ज़ल अक्टू.२०१३ 'चोट ग़मों की खाकर ...'
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