जोगन जैसी गत लागी
मुझको पी की लत लागी
एक हुए आँगन तन के
मन से मन की छत लागी
वारा तुझ पर तन-मन-धन
फिर भी कम कीमत लागी
प्रेम रतन धन जब पाया
माटी सी दौलत लागी
साथ पिया का जब पाया
यह धरती जन्नत लागी
एक हुई अपनी सूरत
सीरत से सीरत लागी
मिसरी सी तेरी संगत
रातें सब शरबत लागी
©महावीर सिंह जोधपुर 26.2.2018
मुझको पी की लत लागी
एक हुए आँगन तन के
मन से मन की छत लागी
वारा तुझ पर तन-मन-धन
फिर भी कम कीमत लागी
प्रेम रतन धन जब पाया
माटी सी दौलत लागी
साथ पिया का जब पाया
यह धरती जन्नत लागी
एक हुई अपनी सूरत
सीरत से सीरत लागी
मिसरी सी तेरी संगत
रातें सब शरबत लागी
©महावीर सिंह जोधपुर 26.2.2018
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें