मेरी प्रकाशित अप्रकाशित ग़ज़लें
सोमवार, 3 मार्च 2014
प्रतिष्टित 'लफ्ज़' पोर्टल की तरही १६ में सराही गई एक ग़ज़ल 'तेरी ज़फ़ा का जो दिल पर जमील छाला है' जन.२०१४
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