मंगलवार, 24 मार्च 2020

कोरोना-चालीसा

*कोरोना--चालीसा* (छंद-चौपाई)
दोहा--
*साँसें लेना हो दुभर, खाँसी तेज़ बुखार* ।
*सिर में भी हो दर्द यदि, लेवें झट उपचार* ।।
चौपाई--
चीन देश से विपदा आई । कोरोना जो नाम धराई ।।
सारे जग में फैली झटपट । मानवता पर छाया संकट ।।
फैल रही है जो अब घर-घर । सबके मन में इसका ही डर ।।
लील गई है जो इटली को । अमेरिका भी आज रहा रो ।।
सौ-सौ मौतें होती हर दिन । डॉक्टर काँपे लाशें गिन-गिन ।।
काँप रहा ईरान अभी तक । स्पेन गया लड़ते-लड़ते थक ।।
ज़हर हवा में ऐसा फैला । विश्व हुआ सारा ही मैला ।।
जित देखो उत मची तबाही । कोरोना ने आँख दिखाई ।।
छूने से जो फैले आगे । दूर रहे वो जिसको लागे ।।
रूस-फ्रांस भी बेकल बेबस । कौन बँधाए किसको ढाँढ़स ।।
दोहा--
*आए भारत भूमि में, कुछ जन करने सैर*।
*लौटे घर कुछ लाड़ले, रोग पसारे पैर* ।।
चौपाई--
भारत में भी अब कोरोना । छान रहा है कोना-कोना ।।
धीरे-धीरे पाँव-पसारे । काँप रहे हैं वासी सारे ।।
फैला इसका आज शिकंजा । केरल तक भी इसका पंजा ।।
राजस्थान समूचा आया । महाराष्ट्र पंजाब डराया ।।
सील हुई है सबकी सीमा । फैल रहा विष धीमा-धीमा ।।
नगर-नगर कर्फ़्यू का साया । तालाबंदी कर धमकाया ।।
सड़कें सूनी मार्किट सूना । मरघट सा है शांत नमूना ।।
रेल रुकी है बंद हुई बस । बंद सिनेमा मेले-सरकस ।।
लोग घरों में क़ैदी जैसे । वक़्त गुजारे जैसे-तैसे ।।
बाज़ारों से लोग नदारद । बंद हुई है अब तो संसद ।।
दोहा--
*भारत के सब लोग दें, अपना यह सहयोग* ।
*घर में ही कुछ दिन रहें, ना फैलावें रोग* ।।
चौपाई--
हाथ सफ़ाई से सब धोना । दूर भगाना है कोरोना ।।
मास्क लगावो मुँह पर भाई । घर में राखो साफ़-सफ़ाई ।।
मिलना सबसे नहीं ज़रूरी । मीटर भर की राखो दूरी ।।
छोड़ो अब तुम हाथ मिलाना । नमस्कार कर अब मुस्काना ।।
सामाजिक संपर्क हटाओ । रिश्ते रहकर दूर निभावो ।।
घर में ख़ुद को क़ैद करो अब । अलग रहें तो बच जाएं सब ।।
साबुन ही हथियार हमारा । कोरोना से जिसने तारा ।।
कोरोना से बचना है गर । साफ़ रहो सब घर में रहकर ।।
घर का पोष्टिक खाना खाओ । प्रतिरोधकता आप बढ़ाओ ।।
बूढ़ों-बच्चों और जवानों । कोरोना कमज़ोर न जानों ।।
दोहा--
*सारा भारत साथ दे, बाहर जाना बैन* ।
*लोग कड़ी गर ना बनें, टूटे तब यह चैन* ।।
चौपाई--
आओ बहनों आओ भाई । कोरोना से लड़ें लड़ाई ।।
निर्देशों का कर लें पालन । आना-जाना रोकें सब जन ।।
मत करना कालाबाज़ारी । समझो सबकी तुम लाचारी ।।
निर्धन अरु लाचार मिले तो । आप सहारा उसको भी दो ।।
मज़दूरों मज़बूरों की भी । आज मदद तुम करना साथी ।।
हम सबको है मिलकर लड़ना । अफ़वाहों में मत तुम पड़ना ।।
राष्ट्रभक्ति का आया अवसर । अपनी सरहद अपना ही घर ।।
कोरोना योद्धाओं का भी । आज हुआ जन-जन आभारी ।।
डॉक्टर-नर्सें और सिपाही । करो शुक्रिया इनका भाई ।।
विश्व-विजेता हिन्द बनेगा । संकट सारा शीघ्र टलेगा ।।
दोहा --
*कोरोना से ले सबक, यह सारा संसार* ।
*कुदरत से खिलवाड़ का, रोकें अत्याचार*।।
©कृति-महावीर सिंह जोधपुर 9413408422

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